धनबाद के गोविंदपुर अंचल में आयकर विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि 1600 से अधिक संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन बिना पैन कार्ड और जरूरी फॉर्म अपलोड किए किया गया। इससे 400–465 करोड़ रुपये तक की वित्तीय अनियमितताओं का संदेह गहराया है।..

मामला क्या है?
स्थान: गोविंदपुर निबंधन कार्यालय, धनबाद
समयावधि: पिछले तीन वर्षों की रजिस्ट्री की जांच
संख्या: 1600 से अधिक संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन
गड़बड़ी: बिना पैन कार्ड विवरण और बिना फॉर्म 61ए अपलोड किए रजिस्ट्री की गई
वित्तीय अनियमितता
आयकर विभाग की टीम ने पाया कि 400–465 करोड़ रुपये की रजिस्ट्री में गंभीर गड़बड़ी हुई है।
करीब 65 करोड़ रुपये का गलत SFT डेटा फाइल किया गया था।
पैन कार्ड की अनुपस्थिति से यह आशंका बढ़ी कि कालेधन का उपयोग संपत्ति खरीद-बिक्री में हो रहा है।
आयकर विभाग की कार्रवाई
विभाग ने गोविंदपुर रजिस्ट्री कार्यालय में सर्वे और जांच अभियान चलाया।
अधिकारियों ने पाया कि कई रजिस्ट्री बिना पैन कार्ड के ही दर्ज की गईं।
अब विभाग इन मामलों की गहन जांच कर रहा है और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
कानूनी और प्रशासनिक असर
नियमों के अनुसार, 50,000 रुपये से अधिक की संपत्ति खरीद-बिक्री में पैन कार्ड अनिवार्य है।
इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में रजिस्ट्री बिना पैन कार्ड के होना कानून का उल्लंघन है।
विभाग ने संकेत दिया है कि दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संभावित प्रभाव
धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में संपत्ति बाजार पर इसका असर पड़ सकता है।
खरीदार और विक्रेता दोनों के लिए अब कड़ी निगरानी की संभावना है।
यह मामला झारखंड में राजस्व और कर चोरी पर बड़ी बहस को जन्म दे सकता है।
निष्कर्ष
धनबाद के गोविंदपुर अंचल में सामने आई यह गड़बड़ी न केवल कर चोरी और कालेधन के इस्तेमाल की ओर इशारा करती है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर करती है। आयकर विभाग की जांच से यह साफ है कि आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ी कार्रवाई और सख्त नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
News 93 Live से मुकेश सिंह की रिपोर्ट.



