धनबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देव प्रभा OCP संचालक एल.बी. सिंह, उनके सहयोगियों और BCCL अधिकारियों के दर्जनाधिक ठिकानों पर छापेमारी..

धनबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देव प्रभा OCP संचालक एल.बी. सिंह, उनके सहयोगियों और BCCL अधिकारियों के दर्जनाधिक ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई करोड़ों रुपये के कथित घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी बताई जा रही है।
पूरी खबर विस्तार से
छापेमारी का दायरा ईडी की टीम ने धनबाद समेत कई स्थानों पर एक साथ रेड की। इसमें देव प्रभा ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (OCP) से जुड़े कारोबारी एल.बी. सिंह, उनके सहयोगियों और BCCL अधिकारियों के आवास व कार्यालय शामिल हैं।
मामले की पृष्ठभूमि BCCL के अंतर्गत कुइया ओपन कास्ट प्रोजेक्ट में 22.16 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया था। इस मामले में पहले सीबीआई ने जांच शुरू की थी और अब ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी है।
जांच के दायरे में अधिकारी ईडी ने BCCL धनबाद के तत्कालीन जीएम फूल कुमार दुबे समेत कई अधिकारियों और कारोबारी साझेदारों को जांच के घेरे में लिया है। आरोप है कि राजस्व साझेदारी और ठेका कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं।
कंपनी और कारोबारी संबंध देव प्रभा OCP का संचालन एल.बी. सिंह और उनकी टीम करती है। BCCL के साथ इनके अनुबंध और कार्यों को लेकर पहले भी विवाद सामने आए थे।
ईडी की कार्रवाई का महत्व
यह साल 2025 में धनबाद जिले से जुड़ा ईडी का दूसरा बड़ा केस है।
कार्रवाई से कोयला कारोबार और BCCL के ठेका प्रबंधन में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठे हैं।
ईडी ने छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं।
आगे की प्रक्रिया
ईडी अब जब्त दस्तावेजों और खातों की जांच कर रही है।
आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संपत्ति जब्ती और गिरफ्तारी की कार्रवाई भी संभव है।
इस रेड ने कोयला उद्योग और BCCL के ठेका प्रबंधन में पारदर्शिता पर बहस को और तेज कर दिया है।
News 93 Live से मुकेश सिंह की रिपोर्ट.



