मणिपाल हॉस्पिटल के न्यूरोकेयर विशेषज्ञ ने स्ट्रोक और ब्रेन ट्यूमर पर दी जानकारी..

मणिपाल हॉस्पिटल धाकुरिया ने धनबाद में न्यूरोसर्जरी और न्यूरोकेयर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों ने स्ट्रोक, ब्रेन ट्यूमर, स्पाइनल डिजीज और न्यूरो-ट्रॉमा जैसी बीमारियों के समय पर इलाज और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय लोगों को न्यूरोलॉजिकल रोगों के लक्षण पहचानने और तुरंत इलाज कराने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
न्यूरोसर्जरी विभाग: मणिपाल हॉस्पिटल धाकुरिया, कोलकाता का न्यूरोसर्जरी विभाग देश के अग्रणी केंद्रों में से एक है, जहां ब्रेन, स्पाइन और नर्व से जुड़ी बीमारियों का इलाज किया जाता है।
न्यूरोकेयर पहल: अस्पताल ने हाल ही में एक व्यापक न्यूरो टीम बनाई है जिसमें न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन, न्यूरोइंटरवेंशनलिस्ट और न्यूरोरिहैबिलिटेशन विशेषज्ञ शामिल हैं।
स्ट्रोक जागरूकता: ‘Be Stroke Smart’ अभियान के तहत स्ट्रोक के शुरुआती लक्षण पहचानने और गोल्डन ऑवर में इलाज कराने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में दी गई जानकारी
स्ट्रोक प्रबंधन: डॉक्टरों ने बताया कि स्ट्रोक के लक्षण जैसे अचानक बोलने में कठिनाई, चेहरे का टेढ़ा होना, हाथ-पैर में कमजोरी दिखते ही तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।
ब्रेन ट्यूमर और स्पाइनल डिजीज: आधुनिक तकनीकों जैसे मिनिमली इनवेसिव सर्जरी, लेज़र और अल्ट्रासोनिक सर्जिकल एस्पिरेटर से इलाज संभव है।
न्यूरो-ट्रॉमा केयर: दुर्घटनाओं में सिर या रीढ़ की चोट के मामलों में 24×7 इमरजेंसी न्यूरोकेयर उपलब्ध है।
समुदाय सहभागिता: अस्पताल ने स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित करने और एम्बुलेंस ड्राइवरों को स्ट्रोक के लक्षण पहचानने की ट्रेनिंग देने की योजना बताई।
समय पर इलाज की जानकारी: लोगों को बताया गया कि स्ट्रोक और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों में देरी जानलेवा हो सकती है।
आधुनिक सुविधाओं का परिचय: मणिपाल हॉस्पिटल धाकुरिया में उपलब्ध अत्याधुनिक न्यूरोसर्जरी और न्यूरोकेयर सेवाओं की जानकारी दी गई।
यह जागरूकता कार्यक्रम धनबाद के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा क्योंकि यहां स्ट्रोक और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। मणिपाल हॉस्पिटल धाकुरिया ने इस पहल के जरिए स्थानीय समुदाय को समय पर इलाज और आधुनिक तकनीकों का महत्व समझाया।



