निरसा विधायक का बयान दुर्भाग्यपूर्ण, तथ्यहीन एवं युवा विरोधी; बिना प्रमाण लगाए गए आरोप वापस लें : प्रशांतो बनर्जी*
*यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र को "कोयला चोर" कहना लोकतांत्रिक मर्यादा के विरुद्ध*

धनबाद सांसद ढुलू महतो के पुत्र एवं यूपीएससी अभ्यर्थी प्रशांत कुमार के संबंध में निरसा विधायक अरूप चटर्जी द्वारा दिया गया बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, तथ्यहीन और एक संघर्षशील युवा की छवि को धूमिल करने वाला है। विधायक द्वारा बिना किसी प्रमाण के उन्हें “कोयला चोर” कहना न केवल व्यक्तिगत चरित्र हनन का प्रयास है, बल्कि उन लाखों युवाओं का भी अपमान है जो कठिन परिश्रम के साथ अपने भविष्य का निर्माण करने में जुटे हैं।
प्रशांतो बनर्जी ने कहा कि जिस युवा पर इस प्रकार के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं, वह वर्तमान में दिल्ली स्थित Drishti IAS में रहकर देश की सबसे प्रतिष्ठित एवं कठिन प्रतियोगी परीक्षा यूपीएससी की तैयारी कर रहा है। ऐसे छात्र के विरुद्ध बिना किसी कानूनी अथवा तथ्यात्मक आधार के सार्वजनिक आरोप लगाना एक जनप्रतिनिधि के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।
प्रशांतो बनर्जी ने विधायक अरूप चटर्जी से सीधा सवाल करते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई ठोस प्रमाण है, तो उसे जनता के सामने प्रस्तुत करें। क्या किसी सक्षम न्यायालय, जांच एजेंसी अथवा प्रशासनिक संस्था ने प्रशांत के विरुद्ध ऐसा कोई निष्कर्ष दिया है? यदि नहीं, तो इस प्रकार के आरोप केवल राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होते हैं।
उन्होंने कहा कि जब भी प्रशांत धनबाद आते हैं, वे सामाजिक कार्यों, जरूरतमंदों की सहायता तथा जनसेवा से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रहते हैं। उनकी सामाजिक गतिविधियां सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। ऐसे में उनके व्यक्तित्व पर इस प्रकार के आधारहीन आरोप लगाना पूरी तरह अनुचित है।
प्रशांतो बनर्जी ने कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक की गरिमा और सम्मान की रक्षा करता है। किसी युवा छात्र को बिना प्रमाण अपराधी की तरह प्रस्तुत करना उसकी प्रतिष्ठा पर सीधा आघात है। राजनीति में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन व्यक्तिगत आरोपों और परिवार के सदस्यों को निशाना बनाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।
उन्होंने कहा कि यदि विधायक महोदय के सांसद से राजनीतिक मतभेद हैं तो उन्हें राजनीतिक मुद्दों पर बहस करनी चाहिए, न कि एक ऐसे युवा को विवादों में घसीटना चाहिए जो वर्तमान में अपने भविष्य के निर्माण के लिए कठिन परिश्रम कर रहा है।
अंत में प्रशांतो बनर्जी ने निरसा विधायक अरूप चटर्जी से अपने बयान पर पुनर्विचार करने, यदि कोई प्रमाण हो तो उसे सार्वजनिक करने अथवा बिना तथ्य के लगाए गए आरोपों को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि धनबाद की जनता स्वस्थ राजनीतिक संवाद का स्वागत करती है, लेकिन किसी युवा के सम्मान और भविष्य पर निराधार प्रहार को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
News 93 Live न्यूज़ डेस्क.



