
बोकारो जिला के नावाडीह प्रखंड अंतर्गत चिरुडीह स्थित रूबी कोल फैक्ट्री इन दिनों अवैध कोयला कारोबार का केंद्र बन चुकी है। फैक्ट्री की आड़ में बड़े पैमाने पर पोड़ा कोयले की तस्करी हो रही है, जिससे न केवल पर्यावरणीय नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं, बल्कि प्रशासनिक निष्क्रियता भी सवालों के घेरे में है।
कैसे चलता है अवैध कारोबार?
रातभर की हलचल: शाम 7 बजे से सुबह 4 बजे तक बाइक, ट्रैक्टर और वैन के जरिए चोरी का कोयला फैक्ट्री तक पहुंचाया जाता है।
दिन में भी ढुलाई: बाइकों से दिनभर कोयले की ढुलाई जारी रहती है।
कागजातों की कमी: फैक्ट्री के पास वैध संचालन के दस्तावेज नहीं हैं। कोयले की आपूर्ति का स्रोत भी स्पष्ट नहीं है।
छापेमारी में खुलासा: जुलाई 2024 में बेरमो एसडीओ अशोक कुमार के नेतृत्व में छापेमारी में करीब 500 टन अवैध कोयला जब्त हुआ था। साथ ही दो लोगों की गिरफ्तारी और कई वाहन जब्त किए गए।
प्रशासनिक और राजनीतिक चुप्पी
विधायक की चुप्पी: डुमरी विधायक जयराम महतो इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए हैं। स्थानीय लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उनकी चुप्पी किसी ‘सुविधा शुल्क’ या राजनीतिक गठजोड़ का संकेत है?
सरयू राय का पत्र: जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर इस अवैध कारोबार पर चिंता जताई है। उन्होंने रूबी कोल फैक्ट्री समेत कई अन्य फैक्ट्रियों की सूची दी है जो अवैध रूप से कोयला प्रोसेसिंग कर रही हैं।
पर्यावरणीय उल्लंघन
फैक्ट्री परिसर में खुले आसमान के नीचे पोड़ा किया जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण नियमों का घोर उल्लंघन है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मानकों की अनदेखी की जा रही है।
जनता की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मांग है कि:
फैक्ट्री पर तत्काल रोक लगे।
विधायक जयराम महतो इस मुद्दे पर स्पष्ट बयान दें।
अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों पर कठोर कार्रवाई हो।
निष्कर्ष: रूबी कोल फैक्ट्री का मामला सिर्फ अवैध कोयला तस्करी का नहीं, बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक जवाबदेही का भी है। जब तक जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस पर ठोस कदम नहीं उठाते, तब तक यह धंधा चलता रहेगा और जनता की आवाज दबती रहेगी।
News 93 Live ब्यूरो रिपोर्ट बोकारो.



