साल 2025 का अंतिम चंद्र ग्रहण आज: धार्मिक, ज्योतिषीय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जानिए इसका महत्व..

धनबाद: 7 सितंबर 2025 — आज रात भारत समेत कई देशों में साल का अंतिम पूर्ण चंद्र ग्रहण देखा जाएगा। यह खगोलीय घटना न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार भी इसका विशेष प्रभाव माना जाता है।
🕒 ग्रहण का समय और सूतक काल
ग्रहण प्रारंभ: रात 9:58 बजे
ग्रहण मध्य: रात 11:42 बजे
ग्रहण समाप्ति: 1:26 बजे (8 सितंबर की सुबह)
सूतक काल: दोपहर 12:58 बजे से ग्रहण समाप्ति तक2
🔭 कहां-कहां दिखाई देगा ग्रहण
यह चंद्र ग्रहण भारत के अधिकांश हिस्सों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, चेन्नई, बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में इसे देखा जा सकेगा। इसके अलावा यह एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और अंटार्कटिका में भी दृष्टिगोचर होगा।
🧘♀️ धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यता
हिंदू धर्म में ग्रहण को अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली समय माना जाता है। इस दौरान मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ वर्जित होता है। हालांकि, जप, ध्यान और मंत्रोच्चारण को इस समय अत्यंत फलदायी माना गया है1।
इस बार का ग्रहण कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में घटित हो रहा है, जिससे ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह कुछ राशियों के लिए शुभ और कुछ के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा।
🔴 ब्लड मून का नजारा
इस पूर्ण चंद्र ग्रहण के दौरान ब्लड मून भी देखा जाएगा, जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया में आकर लालिमा लिए दिखाई देता है। यह दृश्य खगोल प्रेमियों के लिए एक दुर्लभ अवसर होगा।
🏛️ विशेष व्यवस्थाएं
जम्मू स्थित श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में ग्रहण को देखते हुए पूजा के समय में बदलाव किया गया है। पवित्र पिंडियों की पूजा केवल सुबह 11:00 से 12:40 बजे तक होगी..
News 93 Live से मुकेश सिंह की रिपोर्ट.



