H-1B वीज़ा पर ट्रम्प का बड़ा फैसला: भारतीयों पर असर, अमेरिका में मचा हड़कंप..

वाशिंगटन/नई दिल्ली, — अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने H-1B वीज़ा कार्यक्रम में बड़ा बदलाव करते हुए एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब हर H-1B वीज़ा आवेदन पर सालाना $100,000 (लगभग ₹83 लाख) शुल्क देना अनिवार्य होगा। इस कदम से भारतीय आईटी पेशेवरों पर गहरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि H-1B वीज़ा धारकों में 70% से अधिक भारतीय होते हैं।
ट्रम्प का तर्क: “अमेरिकी नौकरियों की रक्षा जरूरी”
व्हाइट हाउस द्वारा जारी फैक्टशीट में कहा गया है कि IT कंपनियां H-1B वीज़ा का दुरुपयोग कर रही हैं और अमेरिकी कर्मचारियों को कम वेतन वाले विदेशी श्रमिकों से बदल रही हैं। ट्रम्प ने कहा, “हमें बेहतरीन कामगार चाहिए, और यह शुल्क सुनिश्चित करेगा कि केवल योग्य लोग ही आएं।”
एक कंपनी को 2025 में 5,189 H-1B वीज़ा मिले, जबकि उसी साल उसने 16,000 अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से निकाला।
ट्रम्प प्रशासन का दावा है कि STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित) क्षेत्र में विदेशी कामगारों की संख्या 2000 से 2019 के बीच दोगुनी हो गई, जबकि अमेरिकी रोजगार केवल 44.5% बढ़ा।
भारत की प्रतिक्रिया: “मानवीय संकट की आशंका”
भारत सरकार ने इस फैसले पर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम परिवारों के लिए मानवीय संकट पैदा कर सकता है और इसके प्रभावों का अध्ययन किया जा रहा है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका की इंडस्ट्री को मिलकर समाधान निकालना चाहिए क्योंकि दोनों देशों की अर्थव्यवस्था में प्रतिभा का आदान-प्रदान अहम भूमिका निभाता है।
उद्योग जगत की प्रतिक्रिया
टेक इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों ने इस फैसले की आलोचना की है। Menlo Ventures के पार्टनर डीडी दास ने कहा, “अगर अमेरिका दुनिया की सबसे प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित करना बंद कर देता है, तो उसकी नवाचार क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा कमजोर हो जाएगी।”
क्या है नया नियम?
यह शुल्क केवल नए H-1B आवेदकों पर लागू होगा, मौजूदा वीज़ा धारकों पर नहीं।
शुल्क न देने पर वीज़ा आवेदन खारिज किया जाएगा।
कुछ मामलों में राष्ट्रीय हित के आधार पर छूट दी जा सकती है।
यह फैसला ट्रम्प प्रशासन की “अमेरिकन फर्स्ट” नीति का हिस्सा है, लेकिन इसके दूरगामी प्रभाव भारतीय पेशेवरों, अमेरिकी टेक इंडस्ट्री और द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ सकते हैं।.
News 93 Live डेस्क.



