बड़ामुड़ी खटाल की जमीन की मापी करने पहुंचे सीओ, स्थानीय लोगों ने जताया विरोध..
2005 में 109 परिवारों को जमीन आवंटित करने का दावा, बिना नोटिस हटाने की बात पर उठाए सवाल; सीओ बोले- मापी के बाद दिया जाएगा नोटिस..

धनबाद : धनबाद के बिनोद बिहारी महतो चौक स्थित बड़ामुड़ी मौजा के बड़ामुड़ी खटाल की जमीन की मापी करने धनबाद अंचलाधिकारी (सीओ) रामप्रवेश कुमार लगातार दूसरे दिन पहुंचे। इस दौरान दूसरे दिन भी स्थानीय लोगों के हल्के विरोध का सामना करना पड़ा। जमीन की मापी और अतिक्रमण हटाने की संभावित कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता देखी गई।
स्थानीय लोगों का दावा है कि वर्ष 2005 में तत्कालीन उपायुक्त राजेश बिरला के कार्यकाल में 109 परिवारों को यहां जमीन आवंटित की गई थी। उनके अनुसार, उस समय यह इलाका रहने योग्य नहीं था। जगह-जगह जंगल और तालाब थे। लंबे समय तक मेहनत करने के बाद उन्होंने इस जगह को रहने लायक बनाया और अपने परिवारों के साथ यहां बस गए।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अब बिना किसी पूर्व नोटिस के सीओ जमीन की मापी करने पहुंचे हैं और उन्हें हटाने की बात कही जा रही है। लोगों ने सवाल उठाया कि आठ लेन सड़क के आसपास कई स्थानों पर सरकारी जमीन पर बड़ी-बड़ी इमारतें बन गई हैं और कुछ जगहों पर कथित अवैध निर्माण अब भी जारी है, लेकिन वहां कार्रवाई नहीं दिखती। उनका कहना है कि प्रशासन गरीब परिवारों के मामले में ही सख्ती दिखा रहा है।
खटाल संचालकों ने कहा कि वे दूध उत्पादन कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। यदि उन्हें यहां से हटाया गया, तो छोटे-छोटे बच्चों और मवेशियों को लेकर वे कहां जाएंगे? उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करने और जमीन से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर उचित निर्णय लेने की मांग की।
20 एकड़ सरकारी जमीन से कब्जा हटाने का निर्देश
वहीं, धनबाद सीओ रामप्रवेश कुमार ने बताया कि करीब 20 एकड़ सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने का निर्देश मिला है। इसी के तहत जमीन की मापी की जा रही है। मापी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित लोगों को नोटिस दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास जमीन से संबंधित वैध दस्तावेज हैं, वे उन्हें जमा कर सकते हैं।
News 93 Live न्यूज़ डेस्क.



